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Thursday, June 4, 2015

वैज्ञानिक मानसिकता

       वैज्ञानिक मानसिकता होना बहुत आवस्यक हैं।  भारत में लोग आज भी कई अन्धविश्वास में जीते हैं।  कोई भी बदमाश गेरुआ कपडा पेहन कर इन्हे लूट सकता हैं। ८० %  लोग बिना सोचे समझे ढोंगी और पाखंडी बाबाओ की बातों में आ जाते हैं।  भारत में ८०% से ज़्यादा साधु बेईमान हैं।  इनमे से कई अपराधों में लिप्त हैं हाल ही में आसाराम बापू नमक एक पाखंडी को पकड़ा गया हैं , यह और इसका बीटा  नारायण साईं कई तरह के अपराधों में लिप्त था जिसमे बलात्कार और योन शोषण प्रमुख हैं।  इसके साथ साथ इन बेईमानो ने लोगो को मुर्ख बनाके उनसे हज़ारो करोड़ रूपए ठगे हैं।


      ऐसे बेईमानो की संख्या देश में लाखो की संख्या में हैं।  हमारे देश के लोग इतने बेवकूफ हैं की कोई मंच लगाकर अगर रामकथा या और कोई भी भगवान के बारे में बोलने लगे तो वे उनके पास लाइन लगाकर बैठ जाते हैं और दान देकर इन्हे धनि कर देते हैं।  ऐसे कई कथाकार हैं जैसे गुजरात के मोरारी बापू जिसने बस राम की और गाई की बकवास कहानिया सुनाकर लोगो से कई सो करोड़ कमाए हैं।


      जो साधु पैसा ले वह साधु कहलाने के लायक ही नहीं हैं।  पुराने समय में पैसे लेने  वाले साधु पर लोग थूकते थे आज कई बाबा लोग ऐसे हैं जो सेंट्रली एयर कंडिशन्ड महल में रहते हैं हाँ यह बात अलग हैं की यह बेईमान इन्हे आश्रम कहते हैं।  यह बेईमान बाबा लोग हिन्दुओ के मन में दूसरे धर्मो के लोगो के लिए नफरत पैदा करते हैं , और दोनों धर्मो के लोगो के बीच दंगा लगाने  की कोशिश करते रहते हैं।


ऐसे बेईमान और कपटी धर्मगुरुओ से बचना बहुत ज़रूरी हैं।  लोगो की भक्ति का ये नाज़ायज़ फायदा उठाना चाहते हैं। इसलिए हरेक कही हुई बात का वैज्ञानिक तरीके से आकलन करना आवस्यक हैं।


( इस ब्लॉग को हिंदी में लिखने के मेरा यह मकसद था की में ज़्यादा से ज़्यादा भारतीयों तक अपनी बात पंहुचा सकु )





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